छोड़ दो मुझे अकेला..😔😔

एक बात मेरे जहन में हमेशा रहती है कि जब लोग हमें जानते हैं कि हम हर बात समझ सकते हैं तो वो अपनी बांसुरी क्यों बजाते रहते हैं।
क्या वो यह जाहिर करना चाहते हैं कि उनसे समझदार इस दुनिया में कोई नहीं है...।
कई बार इतना गुस्सा आता है कि उनका मुंह ही तोड़ दूँ और किस्सा ही ख़तम कर दूँ।
हाँ मैं मानता हूं कि मैं कई जगह कुछ कमजोर हूँ।
जैसे की पढाई में, पर यह भी तो सही नहीं है, कि जो कमजोर है उसे कुछ आता ही न हो... भाई उसे भी सब पता है, जो तुम उसे समझा रहे हो।
उसके पास भी उसका खुद का दिमाग है, जो ऊपर वाले ने उसे जन्म से ही दिया है। आप उसे कोई नया दिमाग तो दे नहीं सकते की वो आपके इशारों पे नाचे।
यकीं मानिये हममे भी कुछ खास जरूर है।
हर व्यक्ति में कुछ खास गुण होते हैं जिसे कोई जल्दी पहचान नहीं पाता और उसे उस गुण को जाहिर करने के लिये कुछ समय लगता है।
विश्वास रखिये हमे कुछ करने का मौका दीजिये। जरूर बहित आगे जायेंगे।
भरोसा रखिये।
अन्यथा इतना भी मजबूर न करें की हम हर मर्यादा और दहलीज़ लांघ के सारे रिश्ते ही तोड़ कर सदा के लिए आपसे दूर चले जाएं।

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