कितनी मोहब्बत है तुमसे मे बता नहीं सकता
अपनी चाहत मे तुम्हारे लिए जता नहीं सकता
तुम भी तो समझो देखकर मेरी इन निगाहो मे
ये पलके झुकाकर भी मै कुछ छुपा नहीं सकता।
अपनी चाहत मे तुम्हारे लिए जता नहीं सकता
तुम भी तो समझो देखकर मेरी इन निगाहो मे
ये पलके झुकाकर भी मै कुछ छुपा नहीं सकता।
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