तेरी आँखों में जब से मैंने अपना अक्स देखा है, मेरे चेहरे को कोई आइना अच्छा नहीं लगता। खोया इतना कुछ कि फिर पाना न आया, प्यार कर तो लिया पर जताना न आया, आ गए तुम इस दिल में पहली ही नज़र में, बस हमें आपके दिल में समाना ना आया।
रहा नहीं जाता सनम एक पल भी दूर तुमसे, उम्र सारी बिछड़ कर सनम हम कैसे गुजारेंगे। तड़प कर टूट ही जाएगी मेरे दिल से मेरी साँसें, कफ़न में लिपट कर भी सनम तुझको पुकारेंगे। नशे में चूर होगी तू किसी ग़ैर की बांहों में, दबाकर लकड़ियों में जब मुझे दुनिया जलायेगी। छोड़ देंगे तेरी दुनिया नजर तुझको ना आएंगे, खुदा के पास जाकर के दास्ताँ तेरी सुनाएंगे। अगर दी उसने ज़िन्दगी उतरे फिर से ज़मीं पर, तो ये वादा रहा तुझसे तुझे हम फिर से चाहेंगे। रहा नहीं जाता सनम एक पल भी दूर तुमसे, उम्र सारी बिछड़ कर सनम हम कैसे गुजारेंगे।
बहुत उदास है ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,सब तेरे जाने से, हो सके तो लौट आ,,,,,,,,,,,,,,किसी बहाने से !! तू लाख खफा सही पर,,,,,,,एक बार तो देख ले, सब टूट से गए है,,,,,,,,,,,,,,,तेरे रूठ जाने से !!
रोते रहे तुम भी, रोते रहे हम भी, कहते रहे तुम भी और कहते रहे हम भी, ना जाने इस ज़माने को हमारे इश्क़ से क्या नाराज़गी थी, बस समझाते रहे तुम भी और समझाते रहे हम भी।