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महकता तोहफ़ा

" दिल मे संजो लूँ...या कही यू ही रख छोड़ु.. वो महकता तोहफ़ा तेरी यादों का...? "

ख्वाहिश

तुझे बाहों में लेकर ये सारा जहान  भूल जाने की  ख्वाहिश है मेरी......!!!

एहसास

पूस की रात में शान्त सा कमरा  एक बिस्तर और मेरे होंठों का  तेरे मकरन्द लिप्त गुलाब कपोल सम  कोमल लबोँ से छूने का एहसास अब तक नहीँ भुला....!!

पर्दा जरूरी

वो लाज का पर्दा जरूरी नहीँ,  जरूरी है तो सिर्फ तेरा मुझपे यकीन करना,  तेरा हरदम के लिये होकर मेरा तुझमें फ़ना होना

सन्नाटा सा

फिर सन्नाटा सा पसरा है  फिर खाली-ख़ाली सा लगता है  फिर मन में सूनापन आया                                       फिर नभ सा एकांत दिखता है                                       फिर नींद उचटती है मेरी                                       तू दूर-दूर सा लगता है

हाथ

हाथ बेशक छूट गया, लेकिन वजूद उसकी उंगलियो में ही रह गया..।।
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Isse jada or kya kahu tujhe Tu dhadkan he, tu chahat he meri Tu Zindgi Hai Meri..  :-(   :-(
कितना ही सुलझ जायें,,अपने से हम ... ये जिंदगी अपनी बातों में हमें,, कभी-कभी उलझा ही लेती है,,, https://www.facebook.com/MeriBezubaanShayri/
aadat   ke   ba.ad   dard   bhī   dene   lagā   mazā hañs   hañs   ke   aah   aah   kiye   jā   rahā   huuñ   maiñ
añdherā   hai   kaise   tirā   ḳhat   paḌhūñ lifāfe   meñ   kuchh   raushnī   bhej   de